डोले तेरो लल्ला वृषभान की छोरी पीछे
दाउ ने मैया को बताया है
जे कारण मैया ने आज कान्हा
अपने हाथो से सजाया है
मयूर पंख,बाजूबंद
गले मे मैया की मोतीयन माला
नैन कज़रा भी मैया अपनो लगाया है
बोली जा रिझा ले उसे जाके लिए तू आधा है
कह दियो उस गोरी से
वो अबसे तेरी मैया की भी राधा है
-संवाद


