दोस्त 

दोस्त वफ़ा की सौग़ात है ,

दोस्त राझ की किताब है ,

दोस्त यादों की पूँजी है ,

दोस्त ख़ुदा का दिया हुआ अनमोल तोहफ़ा है ,

दोस्त खुद की पहचान का आईना है ,

दोस्त सच्चा है तो सब कुछ अच्छा है 

साजिदा