यही कहता है मेरा हमें तुमसे मुहब्बत है। तुम्हारे नाम है जीवन हमें तुमसे मुहब्बत है।।
तुम्हारा साथ जब से मिल गया बीमारे हिजरां को।
ख़ुशी से भर गया दामन हमें तुमसे मुहब्बत है।।
महरबां तुम हुए तो हर तरफ बादे बहारी है।
मचल कर कह। उठा गुलशन हमें तुमसे मुहब्बत है।।
भुलाकर सारी यादें अपने दिल से अपने बचपन की ।
ये बोली प्यार से दुल्हन हमें तुमसे मुहब्बत है।।
वफा की बदलियां हों चार सू फैली ज़माने में।
हां बरसे प्यार का सावन हमें तुमसे मुहब्बत है।।
नज़र आती नहीं है मुद्दातों से आपकी सूरत।
करा दो ख़्वाब में दर्शन हमें तुमसे मुहब्बत है।।
न टूटे अये ख़ुदा ये रिश्ताए इश्के दिले जानां ।
बड़ा प्यारा है ये बंधन हमें तुमसे मुहब्बत है।।


