ऐ बीमारी तूने कितना कुछ सिखा दिया!


बाहर ना घूमकर घर पर रहना

कुछ नया बनाकर साथ मे खाना

अपनो के पास फिर से बैठना याद दिला दिया,

ऐ बीमारी तूने कितना कुछ सिखा दिया!



मुश्किल समय मे घर की याद आना

अपने आँगन में ही खुद को सुरक्षित पाना

रोज़ी  के लिए घर से दूर गए को वापस घर पहुँच दिया,

ऐ बीमारी तूने कितना कुछ सिखा दिया!



राहगीरों की मदद करना, सबको खाना देना

मिलों पैदल चलते भाइयों को सहारा देना

कहीं छाँव मिले तो बैठ गए, उनके दिल का हाल सुनना आज़मालिया,

ऐ बीमारी तूने कितना कुछ सिखा दिया!



माता पिता को सुरक्षित रखना है

अपने बच्चे जैसा उनका भी ख्याल रखना है

जीवन मे अपनों के होने के महत्व को फिर दर्शा दिया,

ऐ बीमारी तूने कितना कुछ सिखा दिया!



नई तकनीक को सबको अपनाना है

पढ़ा, लिखाई, दफ्तर का कार्य अब 'ऑनलाइन' ही करना है

हर पीढ़ीको कदम से कदम मिला चला दिया,

ऐ बीमारी तूने कितना कुछ सिखा दिया!



ठीक है आज हाथ नही मिलाते,

एक दूजे से मिलने नही जाते,

पर जब पास थे तब शायद साथ नही थे,

मिलते तो थे, पर दिल मे जज़्बा नही थे।


आज अंजानो के दुःख में हम दुःखी हैं,

किसी एक के जाने से सबकी आँखों मे नमी है।

तूने दूर नही हम सबको पास ला दिया,

सेहत सबसे ज़रूरीहै ये पाठ पढ़ दिया,

पूरे विश्व को समस्या से एक जुट हो लड़नासिखा दिया,

दूरी बढ़ाक पास होने का एहसास दिला दिया,

भागते हुए इस इंसान को रुकना सिखा दिया,

हर दिल को एक साथ धड़कादिया, हमको जीवन का मूल्य समझा दिया,

ऐ 'ज़िन्दग' तूने कितना कुछ सिखा दिया!

ऐ 'ज़िन्दगी'तूने कितना कुछ सिखा दिया!

~सुवि