एक दौर


एक दौर की तरह, 

तुम्हारी यादें भी गुजर जाएगी,

तुम अंधेरी सी इक रात थी,

किसी रोज मोब्बत फ़िर मुस्कुराएगी। 

                 Ktharish ✍️