हम खुदको जिंदा

महसूस करते हैं

क्योंकि साँसे चल रही है

पर जी रहे हैं या नहीं

ये साँसे नहीं बताती।

हम जी रहे हैं या नहीं

जिंदगी समझाती है

हमारी ख्वाहिशें हमें

आईना दिखाती हैं

मिलती हुई दुआएँ

हमारे होने के

सही मायने बताती हैं

साँसे मेरी जिंदगी का

वज़ूद नहीं हैं

पर जीने की एक नहीं

कई वजहें बताती हैं

सचमुच जीने के लिए

सच्चे दोस्त की तरह

साँसे साथ निभाती हैं


गीता टण्डन

18.6.21