मेरे जाने के बाद मुझसे सवाल पूछते हो, 

क्या बीती थी मुझपे ये आज पूछते हो, 

काश आते तुम उस कमरे में जहां कैद था मै, 

देख पाते तुम खुद ही,जो ये जो मेरे हालात पूछते हो|


मै डरता था खुद से,परछाइयों से रहता खौफजदा, 

मेरे ख्याल मायूसी भरे,और मेरी यादें रहती गमजदा, 

मुझे जीना था,प्यार मुझे भी था जिंदगी से खूब, 

बस एक हाथ की कमी थी,जो खीच लेता अंधेरों से जिनमे रहा था मै डूब|


मै कमजोर नहीं हु,जुटाई मैंने बड़ी हिम्मत है,

अपने हाथो से अपनी जिंदगी खोना,ये बोहोत बड़ी कीमत है,

उम्मीद काफी थी,पर कोई दस्तक नहीं थी दरवाजे पे,

अब पता चला है कि उम्मीद तोड़ने वाले आए है मेरे जनाज़े पे|


तुम सबके आने में काफी देर हो गई,

मेरे लिए फ़िक्र जताने में काफी देर हो गई,

ये आंसू जो अकेले बहा रहे हो,काश मेरे साथ बहाते,

जो कांधा देने आये हो,वो देने में काफी देर हो गई|