बरहम रहा हमेशा ज़माना जिसकी इबारत से,

वो कातिब जाते जाते सबके दिलो को शाद कार गया।

कूचे कूचे मे है आज उसकी फज़ीलत के चर्चे ,

के वो इन्सां हो के भी फ़रिश्तों सा काम कर गया।


~आस्था