साथ तुम नहीं तुम्हारी रूह सही ।
दो वक्त बैठ बात कर लिजिए।।
है साथ तो ये वक्त भी ।
दो जाम आज पीजिए ।।
साथ तुम नहीं तुम्हारी रुह सही ।
दो वक्त बैठ बात कर लिजिए।।
यूं हुस्न भी है राख सही ।
अपने हाथ इनसे मल लिजिए।।
साथ तुम नहीं तुम्हारी रूह सही।
दो वक्त बैठ बात कर लिजिए।।
आँख जो ये नम हुईं ।
सरोबार खुद को कर लिजिए।।
साथ तुम नही तुम्हारी रूह सही ।
दो वक्त बैठ बात कर लिजिए।।
- अंजनी


